कलेक्टर सुश्री शीला दाहिमा ने आदिवासी विकासखण्ड कराहल के सुदूरवर्ती ग्राम कुण्ड में गुटखा, पुडिया से होने वाले स्वास्थ्य नुकसान का न केवल लाइव डेमो करके दिखाया, बल्कि महिलाओं के साथ नीचे जमीन पर बैठकर आत्मीय संवाद करते हुए उनसे पुडिया, गुटखा छोडने की भावुक अपील की गई। इस अवसर पर सीईओ जिला पंचायत श्री कार्तिकेय जायसवाल सहित स्वास्थ्य, महिला बाल विकास, ट्राइबल आदि विभागो के अधिकारी मौजूद रहे।

कलेक्टर सुश्री शीला दाहिमा ने ग्राम कुण्ड में जमीन पर चौपाल लगाते हुए महिलाओं बच्चों और ग्रामीणों से आत्मीय संवाद करते हुए योजनाओं की वन टू वन समीक्षा की गई।

इस दौरान उन्होंने आसपास के ग्रामो की आंगनबाडी कार्यकर्ताओं और आशा कार्यकर्ताओं को भी मौके पर बुलाया तथा महिलाओं के पोषण स्वास्थ्य, बच्चों के कमजोर स्वास्थ्य, मध्यान्ह भोजन, टीकाकरण, वजन, लम्बाई, स्वच्छ पेयजल, शिक्षा आदि बिन्दुओं पर मैदानी अमले के साथ बैठकर विस्तार से चर्चा की गई।

उन्होंने महिलाओं को समझाइश दी कि बच्चो को पोषणयुक्त आहार दे और प्रतिदिन स्कूल एवं आंगनबाडी में भेजे, इसके साथ ही उन्होंने स्वच्छता का संदेश देते हुए व्यक्तिगत स्वच्छता के साथ ही, सामुदायिक स्वच्छता के लिए भी समुदाय को प्रेरित किया। कलेक्टर की अपील पर मौजूद लोगों ने हाथ उठाकर संकल्प व्यक्त किया कि पुडिया, गुटखा छोडेगे और सेहत के लिए पौष्टिक भोजन लेंगे।

पानी में घोली पुडिया और महिलाओं को दिखाया रंग

कलेक्टर सुश्री शीला दाहिमा द्वारा तम्बाकू युक्त गुटखा की पुडिया को पानी में घोलकर उपस्थित महिलाओं को दिखाया गया कि किस प्रकार पानी का रंग एक दम लाल हो गया है, इसी के साथ सभी महिलाओं को पुडिया का घुला हुआ पानी सुघांया गया, जिस पर महिलाओं द्वारा बदबू आने की प्रतिक्रिया व्यक्त की गई।

कलेक्टर सुश्री शीला दाहिमा ने महिलाओं से कहा कि पुडिया खाना छोडे दे, इसका गहरा असर स्वास्थ्य पर पडता है, जिस प्रकार पानी का रंग लाल हो गया है, ऐसे ही यह अंदर के अंगों को भी नुकसान पहुंचाता है। इस अवसर पर उन्होंने महिलाओं को कहा कि इच्छा होने पर आंवला, चने, खोपरा, सौफ आदि को चबा सकते है, इस दौरान उन्होंने आंवला केन्डी महिलाओं को खिलाई।

बालिका वंदना का उपचार कराने के निर्देश

महिलाओं और बालिकाओं से संवाद के दौरान कलेक्टर सुश्री शीला दाहिमा की नजर जब 11 वर्षीय आदिवासी बालिका वंदना पर पडी तो उन्होंने आंख पर हुए निशान के संबंध में जानकारी ली, तब बताया गया कि पुरानी चोट के कारण गांठ बन जाने से उस आंख से दिखाई देना भी बंद हो गया है, इस पर तत्काल ही मेडिकल टीम द्वारा जांच की गई तथा पाया गया कि गांठ का ऑपरेशन करने के बाद बालिका को दिखने लगेगा, इस पर तत्काल निर्देश दिये गये आरबीएसके योजना के तहत प्रस्ताव तैयार कर बालिका का ऑपरेशन निशुल्क रूप से कराया जायें।