श्योपुर और विजयपुर विकासखंड के ग्रामीण इलाकों में वर्षा ऋतु के दौरान सुरक्षित पेयजल के लिए जलस्रोतों की जांच और क्लोरीनेशन किया जा रहा है। शुक्रवार को खिरखिरी, लाडपुरा, ढोढर और खोजीपुरा सहित विभिन्न गांवों में पेयजल स्रोतों का आवश्यकतानुसार उपचार कराया गया।

बारिश में दूषित होने की आशंका पर निगरानी

वर्षा के दौरान पेयजल स्रोतों के दूषित होने की आशंका रहती है। इसे देखते हुए लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग ग्रामीण क्षेत्रों के जलस्रोतों की नियमित निगरानी के साथ पानी की गुणवत्ता की जांच कर रहा है।

खास बातें

  • श्योपुर और विजयपुर विकासखंड में क्लोरीनेशन जारी
  • खिरखिरी, लाडपुरा, ढोढर और खोजीपुरा में हुई कार्रवाई
  • पेयजल स्रोतों की नियमित निगरानी और गुणवत्ता जांच हो रही

जांच के आधार पर जरूरत वाले पेयजल स्रोतों में क्लोरीनेशन कराया जा रहा है। विभाग के अनुसार, इस प्रक्रिया से पानी में मौजूद हानिकारक सूक्ष्मजीवों को नियंत्रित करने में मदद मिलती है।

ग्रामीणों को स्वच्छता के प्रति कर रहे जागरूक

अभियान में जलस्रोतों के उपचार के साथ ग्रामीणों को उनकी स्वच्छता बनाए रखने और पानी सुरक्षित रखने के प्रति जागरूक किया जा रहा है। वर्षा ऋतु में जलजनित बीमारियों से बचाव के लिए आवश्यक सावधानियां अपनाने की जानकारी भी दी जा रही है।

यह काम कलेक्टर शीला दाहिमा के निर्देशन में कराया जा रहा है। ग्रामीण क्षेत्रों में सुरक्षित पेयजल सुनिश्चित करने के लिए विभाग जलस्रोतों की निगरानी, गुणवत्ता परीक्षण और जरूरत के अनुसार क्लोरीनेशन जारी रखेगा।