कलेक्टर श्री दिव्यांक सिंह की अध्यक्षता में जिला स्वास्थ्य समिति की बैठक आयोजित की गई। बैठक में कलेक्टर ने स्वास्थ्य एवं महिला बाल विकास विभाग की योजनाओं के क्रियान्वयन एवं सेवाओं में कसावट लाने के लिए सख्त निर्देश दिए।

बैठक में कलेक्टर द्वारा स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर बनाने, जनकल्याणकारी योजनाओं की समीक्षा करने तथा व्यवस्थाओं को अधिक सुदृढ़ बनाने के लिए विस्तृत दिशा-निर्देश दिए गए। इसी प्रकार महिला बाल विकास विभाग की पोषण आहार आंगनबाड़ी सेवाओं लाडली बहन लाडली लक्ष्मी आदि योजनाओं की भी समीक्षा की गई तथा बेहतरी के लिए निर्देशित किया गया।

बैठक में मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (CMHO) डॉक्टर आर. के. द्विवेदी, जिला कार्यक्रम अधिकारी महिला बाल विकास सुश्री अंकिता पंड्या जिला स्वास्थ्य अधिकारी डॉ एस. जी. सूर्यवंशी एवं डॉ बी. एल. सिसोदिया, जिला कार्यक्रम प्रबंधक श्री निलेश गर्ग, समस्त ब्लॉक मेडिकल ऑफिसर, नोडल अधिकारी, महिला एवं बाल विकास विभाग के अधिकारी, परियोजना अधिकारी सहित अन्य संबंधित अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित रहे।

बैठक के दौरान कलेक्टर द्वारा प्रमुख बिंदुओं पर विस्तृत समीक्षा की गई

जननी एक्सप्रेस वाहनों के कॉल करने पर विलंब से पहुँचने और वाहनों की स्थिति की समीक्षा की गई। कलेक्टर ने निर्देश दिए कि खराब हो चुके वाहनों पर त्वरित कार्यवाही की जाए, वरिष्ठ कार्यालय को पत्र लिखा जाए तथा जिले की समस्त गाड़ियों का संस्थावार ऑडिट कर आ रही समस्याओं को दर्ज किया जाए।

आयुष्मान भारत योजना के तहत 70 वर्ष से अधिक आयु के वृद्धजनों के कार्ड बनाने की समीक्षा हुई। जनपद पंचायत, राजस्व एवं बीएलओ के सहयोग से पात्र हितग्राहियों की सूची प्राप्त कर घर-घर जाकर आयुष्मान कार्ड बनाने के निर्देश दिए गए। इस कार्य हेतु ब्लॉक प्रभारी एवं संस्था प्रभारी को जिम्मेदार बनाया गया है।

पोषण पुनर्वास केंद्र जिला चिकित्सालय एवं ब्लॉक स्तर पर संचालित एनआरसी की समीक्षा करते हुए पात्र कुपोषित बच्चों को चिन्हित कर भर्ती/रेफर करने के निर्देश दिए गए। साथ ही स्वास्थ्य विभाग एवं महिला बाल विकास विभाग के कर्मचारियों को बच्चों के माता-पिता की काउंसलिंग और व्यापक प्रचार-प्रसार करने के लिए कहा गया।

सीएम हेल्पलाइन जननी सुरक्षा योजना से संबंधित लंबित सीएम हेल्पलाइन शिकायतों की समीक्षा की गई। समग्र आईडी या अन्य तकनीकी कारणों से जिन मामलों में भुगतान अटका है, उनमें सुधार करवाकर और संबंधितों की काउंसलिंग कर प्राथमिकता के आधार पर शिकायतों का निराकरण करने के सख्त निर्देश दिए गए।

एनक्यूएएस मानक जिले की चिन्हित स्वास्थ्य संस्थाओं में दी जाने वाली स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता, सुरक्षा और मानकों की समीक्षा की गई। विकासखंड चिकित्सा अधिकारियों को निर्देश दिए गए कि चिन्हित संस्थाओं के लक्ष्यों को जल्द से जल्द पूर्ण कर सर्टिफिकेशन की प्रक्रिया सुनिश्चित करें।