मैहर, 26 सितंबर। मुख्यमंत्री निशक्त विवाह प्रोत्साहन योजना जरूरतमंद दिव्यांगजनों के लिए आर्थिक संबल का महत्वपूर्ण माध्यम बन रही है।उक्त योजना से प्राप्त सहायता राशि का उपयोग कर जनपद पंचायत अमरपाटन ग्राम गौरा निवासी श्री रामपाल साहू ने अपना व्यवसाय शुरू किया और आत्मनिर्भरता की नई राह बनाई। श्री रामपाल साहू ने जानकारी दी कि वह बाएं पैर से 40 प्रतिशत से अधिक दिव्यांग हैं।
उन्हें शासन की ओर से पहले ₹600 प्रतिमाह पेंशन प्राप्त होती थी, जिससे परिवार का भरण-पोषण करना कठिन था। मुख्यमंत्री निशक्त विवाह प्रोत्साहन योजना के अंतर्गत उन्हें ₹2 लाख की आर्थिक सहायता प्राप्त हुई। इस राशि का सदुपयोग करते हुए श्री साहू ने अपने गांव में मोटर रिवाइंडिंग की दुकान शुरू की। व्यवसाय से अब उन्हें प्रतिमाह लगभग ₹10 हजार से ₹15 हजार की आय हो रही है।
नियमित आय से परिवार की आर्थिक स्थिति में सुधार हुआ है और अपनी बालिकाओं का पालन-पोषण बेहतर ढंग से कर पा रहे हैं। श्री साहू बताते हैं कि शासन की आर्थिक सहायता ने उन्हें अपने पैरों पर खड़े होने का अवसर दिया। वे आत्मनिर्भर बनने में सहयोग के लिए प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी एवं मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के प्रति आभार व्यक्त करते हैं।




